कर्ज माफी पर उठ रहे घोटाले के आरोपों से बढ़ सकती है अशोक गहलोत पुत्र वैभव की मुश्किलें

पिछले साल किसान कर्ज माफी के मुद्दे पर सवार होकर कांग्रेस ने राजस्थान के सत्ता पर कब्जा कर लिया। पर एक बार सरकार गठन करने के बाद से समय समय पर राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर वादा खिलाफी के आरोप लगते रहे हैं।

इसी साल जनवरी में आदिवासी जिले डूंगरपुर में लोगों ने कथित तौर पर आरोप लगाया था कि किसानों की कर्जमाफी में गड़बड़ियां हैं। लोगों का कहना था कि सूची में ऐसे लोगों का नाम भी है, जिन्होंने कर्ज लिया ही नहीं। कहा गया कि कर्ज माफी की आड़ में कोई बड़ा घोटाला हो सकता है और जिन किसानों का कर्जमाफ होना चाहिए, उनके साथ धोखा हुआ।

गांववालों ने लोन आवंटन की गहन जांच की मांग की थी। कथित कर्जमाफी घोटाला डूंगरपुर जिले के गोवाडी, नांदोर, जेठाना के अलावा कई गांवों में सामने आया। नांदोर के एक किसान कमलेश का कहना था कि उन्होंने कभी कर्ज लिया ही नहीं पर उनका 51000 रुपये का कर्ज माफ किया गया। चुनाव जीतने के बाद जैसे ही अशोक गहलतो मुख्यमंत्री बने उन्होंने कर्ज माफी की योजना पर मुहर लगा दी। राजस्थान में ने किसानों के 2 लाख रुपये तक के लोन माफ करने का दावा किया गया।

चुनावी जानकारों का मानना है कि कर्ज माफी पर उठ रहे एक के बाद एक आरोपों से बढ़ सकती है मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत की मुश्किलें। वैभव लोकसभा चुनावों में जोधपुर से खड़े है।

Comments

comments