गहलोत ने बेटे को चुनाव में उतारकर अपना सब कुछ दावं पर लगा दिया?

राजस्थान के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को जोधपुर से कांग्रेस का प्रत्याशी बनाया गया है। और इसी के साथ राजनीतिक विषेशज्ञो ने कयास लगाना शुरु कर दिया है कि कहीं गहलोत ने अपनी पुरी प्रतिष्ठा को ही तो दावं पर नहीं लगा दिया? आसार कुछ ऐसे ही लग रहे हैं।

दरअसल, जानकारों के मुताबिक राजस्थान कांग्रेस मे आब गहलोत की जगह उतनी मजबूत नहीं जितनी पहले हूआ करती थी और ऐसे में वह बेटे को सांसद बनाकर दोबारा पार्टी में गहलोत परिवार की शाखो को जमाना चाहते हैं। पर यह सब उतना आसान नहीं होगा जितना लगता है।

वैभव गहलोत के प्रतिद्वंद्वी होगें जोधपुर से मौजूदा विधायक और साफ छवि वाले भाजपा नेता गजेंद्र सिंह शेखावत। शेखावत ने पिछले पांच सालों में जोधपुर के जनता के लिए बहोत से काम भी किए हैं और उनके सरल स्वाभाव के लिए लोगों मे खासे पसंद भी किए जाते हैं। ऐसे में जाहिर सी बात है कि वैभव गहलोत के लिए यह चुनौती बिल्कुल भी आसान नहीं होगी।

अब इन हालात में अगर कहीं वैभव हार जाते हैं तो अशोक गहलोत की मुश्किलें कम होने के बजाय कई गुना और बढ़ जाएगीं। पायलट खेमे का दबाव गहलोत पर और ज्यादा पड़ने लगेगा। यह कहना गलत नहीं होगा कि अपना सब कुछ दावं पर लगाकर गहलोत एक आखिरी चाल चलने की कोशिश कर रहे हैं पर इसमे सफलता कि गुंजाइश अभी तो बहोत कम दिख रही है।

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