जोधपुर: सभी समुदायों का आशीर्वाद भाजपा के गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ

राजस्थान की राजनीति में विभिन्न छोटे बड़े समाजो का एक विशेष महत्व होता है। हर पार्टी, किसी न किसी समाज और जाती को लुभाने का प्रयास करती है। बहोत कम बार ही ऐसा देखने को मिलता है कि किसी नेता के साथ सभी समाज के लोग एक साथ खड़े हो जाए। ऐसा ही कुछ इस बार जोधपुर मे देखने को मिल रहा है जहां भाजपा के कद्दावर नेता गजेंद्र सिंह शेखावत दूसरी बार सांसद पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।

गजेन्द्र सिंह शेखावत के खिलाफ कांग्रेस ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को मैदान में उतारा है। जोधपुर से अशोक गहलोत पांच बार सांसद रह चुके हैं। इस संसदीय क्षेत्र में गहलोत की अच्छी पकड़ मानी जाती है। कांग्रेस ने सोचा था यहां से गहलोत पुत्र वैभव को उम्मीदवार बनाने से सियासी फायदा होगा पर अब तक जो आसार हैं उससे तो यह कदम नुकसानदेह ही मालुम हो रही है।

दरअसल, वैभव गहलोत को प्रत्याशी बनाने से कांग्रेस के काफी पुराने नेता खफा हैं। अशोक गहलोत के निकट के ही लोग टिकट न मिलने के कारण धमकियों और विवाद उत्पन्न करने वाले वक्तव्यों से काँगेस के वोट काटने में लगे हैं। फलौदी का पुष्टिकर समाज क्रुद्ध है, वहाँ के नामी काँग्रेसी नेता अपनी बरसों पुरानी पार्टी को त्याग कर अपने समर्थकों सहित भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

माली समाज जिससे खुद गहलोत ताल्लुक रखते हैं वह भी कांग्रेस से खफा बताया जा रहा है। सूरसागर में असामाजिक तत्वों के हाथों परेशान माली समाज ने भी इस बार जातिवाद से ऊपर उठ कर भाजपा को समर्थन देने का मन बना लिया है।

दलित समुदाय तो पहले से ही कांग्रेस से नाराज़ चल रहा था। इसपर अशोक गहलोत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पर किए टिप्पणियों ने आग मे घी का काम किया है। जाटों व राजपूतों में भी अभूतपूर्व तालमेल दिखाई दे रहा है, जाट राजपूत समीकरण अगर इसी प्रकार से सधा रहा तो राजस्थान में एक नई शक्ति का उदय होगा जिस से जाट भी लाभान्वित होंगे और राजपूत भी। जुझारू जाट नेता हनुमान बेनीवाल खुद गजेन्द्र सिंह शेखावत के लिए मैदान में हैं।

ऐसा मंजर राजस्थान में कभी कभी ही देखने को मिलता है जब सब जाति के लोगों का समर्थन किसी एक नेता के साथ हो। भाजपा, गजेन्द्र सिंह शेखावत के जरिए जोधपुर में एक और बार ऐतिहासिक विजय प्राप्त करने का उम्मीद लगा रही है।

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