कांग्रेस और राहुल का नया घोटाला आया सामने, जानिऐ क्या घोटाला

अभी पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार 26 नवम्बर को तीर्थराज पुष्कर जी के ब्रह्मा मंदिर में अपनी गोत्र और जाति का खुलासा किया। इसके बाद राहुल गाँधी अपनी गोत्र की वजह से कई लोगों के निशाने पर है, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर में पूजा के दौरान स्वयं को कौल ब्राह्मण और दत्तात्रेय गोत्र का बताया है।

राहुल गाँधी की इस बात पर एक कहावत याद आ गई ” चोर चोरी से जाए मगर हेरा फेरी से न जाए ” ! और यह बात भी सत्य ही है, की एक बार जो स्वभाव बन जाए तो वह मरने पर ही जाता है। तो वही सियासी जानकारों का कहना की राहुल गांधी का झूठ बोलना और सनातन धर्म का मखौल उड़ाना, विगत वर्षों में उनकी तथा उनकी पार्टी की आदत रही है। यह इनके चाल और चरित्र से दिख रहा है।

एक नजर राहुल के गौत्र संबंधी घोषणा पर भी करलें हम। ब्राह्मणों में कौल कश्मीर की एक वंशावली है। वहीं राहुल गांधी के दादा फिरोज गांधी का कश्मीर से कोई लेना देना नहीं था। वे मुम्बई के पारसी परिवार से थे। उनके पिता का नाम जहांगीर एवं माता का नाम रतिमाई था, और वे बम्बई के खेतवाड़ी मोहल्ले के नौरोजी नाटकवाला भवन में रहते थे।

हिन्दु धर्म शास्त्र के अनुसार वे पारसी कुल से हुए। उनका ननिहाल कैथोलिक ईसाई है। ब्रह्मा मन्दिर में वे अपने ननिहाल का कुल व वंश भी बता सकते थे। लेकिन उन्होंने राजनीतिक हित के कारण अपने पिता के नाना के कुल को अपनाने का प्रयास किया। अगर कहीं पर उनके पिता के नाम पर अधिकारिक गोदनामा हो तो ही यह स्वीकार योग्य है। अन्यथा धार्मिक स्थान पर जाकर झूठ बोलने का पाप वे कर चुके हैं, साथ ही वह देश की जनता को गुमराह करने का अक्षम्य अपराध भी कर रहे हैं।

खैर राहुल गाँधी अपनी धार्मिक और पारिवारिक पहचान पर हर बार अलग अलग बयान देते रहे है। ऐसे में यह राहुल गाँधी के लिए कोई नई बात नहीं है।

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