कांग्रेस का वसुंधरा सरकार पर आरोप पत्र रहा पूरी तरह बेबुनियाद

राजस्थान में चुनावी महासमर अपने पूरे परवान पर है, इस बीच हर रोज कोई ना कोई नयी और चौंकाने वाली बातें, बयान, आरोप और प्रत्यारोप सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाने के लिए एक आरोप पत्र जारी कर दिया है।

इस आरोप पत्र में बिजली, महिला सुरक्षा, शिक्षा, पंचायती राज जैसे विषयों पर सरकार से सवाल पूछे गए है, और आरोपों की झडी लगा दी गई है। तो वही आरोप पत्र पर बीजेपी नेताओं का कहना है, की कांग्रेस का आरोप पत्र एक चुनावी सीगुफा है। जो हर चुनाव के दरमियां जनता को गुमराह करने के लिए निकाला जाता रहा है, इससे ज्यादा कुछ भी नहीं है।

तो वहीं सियासी जानकारों का मानना है, ऐसा आरोपपत्र कोई पहली मर्तबा नहीं आया है। इससे पहले भी हर चुनाव में दोनों पार्टियां एक-दूसरे के आरोप और आरोप पत्र जारी करती रही है। लिहाजा सियासी जानकारों का यहाँ तक कहना है, की कांग्रेस पार्टी ने सदन में अपनी विपक्ष की भूमिका निभाने में नाकामयाब रही है। इस कारण विपक्ष चुनाव के वक्त पंपलेट और पोस्टर और इस तरीके के आरोप पत्र के जरिए सरकार को घेरने का काम करना चाह रहा है।

तो वही सूत्रों के हवाले से खबर है की कई बार राजनैतिक पार्टीयां आंकड़ों को अपने पक्ष में दिखाकर अपने हिसाब से तोड़ मरोड़ कर भी पेश करती रही है। खैर, ऐसे में कांग्रेस का आरोप पत्र उनके लिए कितना फायदे का सौदा साबित होता है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। बहरहाल यह सब आरोप प्रत्यारोप और सियासी बातें चुनावी मौसम में सामान्य सी बाते है।

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