कांग्रेस में हुई टिकटों की दलाली?

राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने देर से ही सही बीते शुक्रवार को अपनी पहली सूची जारी कर दी है।

लेकिन सूची में देरी के पीछे सूत्रों के हवाले से कयास लगाऐ जा रहे है, कि 152 लोगों की आई पहली सूची में से करीबी 100 टिकट खरीद-फरोख्त के जरिये दिए गये है, पहली सूची आते ही राजधानी जयपुर से लेकर दिल्ली तक पूरी कांग्रेस हिल गई है। क्योंकि पहली सूची को लेकर कांग्रेस पार्टी के आम कार्येकर्ताओं में खासी नाराजगी और गुस्सा देखा गया है।
कांग्रेस के ज्यादातर दावेदारों का आरोप है,की टिकटों को बेचा गया है।

कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से खबर है, की 100 से ज्यादा टिकटों की बोली लगाई गई है।और बोली में सबसे ज्यादा माल देनें वाले को टिकट दिया गया है। एक टिकट कि कीमत तीन करोड़ से लेकर पाँच करोड़ तक लगाई गई है।

टिकट बेचने की आरोपों के बीच देखिये कांग्रेस में हलचल कितनी तेजी से हुई है।

1.पार्टी पदाधिकारियों की बड़ी तादाद ने एक साथ इस्तीफे दे दिया है।

2.गहलोत-पायलट और डूडी के बीच टिकट बांटने की लडाई के पीछे बडी वजह टिकटों को बेचने को लेकर हुई कलह है।

3.आम कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को नजर अंदाज किया गया है,और तो और बीडी कल्ला के टिकट कटने पर बीकानेर में रेल तक रोकी गई है।

4.कोटा में जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर तोड़-फोड़ मचाई और सोनिया-राहुल को चोर तक बोला गया है।

5.जयपुर के बस्सी विधानसभा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रदेश कार्यालय पर पँहुच कर टिकट बेचने के खुलेआम आरोप लगाऐ है।

6.फुलेरा की जिस सीट को लेकर पायलट ,गहलोत, डूडी में तकरार थी. जिसके चलते पहली सूची जारी होने में देर हुई, उस सीट से विद्याधर जाट को टिकट फाईनल हुआ है,और इसके बाद दिल्ली में स्पर्धा चौधरी ने अपने समर्थकों के साथ पायलट की गाड़ी को घेराव कर जमकर नारे बाजी कि है और साथ ही पायलट पर टिकट बेचने सहित पायलट चोर है ऐसे आरोप लगाऐ है।

बहरहाल इस पूरे घटनाक्रम से यह बात साबित हो गई है,कि कांग्रेस पार्टी में टिकटों को लेकर बडी धांधली हुई ऐसा प्रतीत होता है। और टिकट वितरण में कांग्रेस की यह नीति उसके लिए इस चुनाव में जी का जंजाल बन सकती है।

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