जानिए कांग्रेस का पाकिस्तान प्रेम कैसे उसके लिए कर सकता है, राजस्थान विधानसभा चुनाव में मुश्किलें खड़ी।

राजस्थान में विधानसभा चुनाव अपने पूरे परवान पर हैं। दोनों राजनीतिक दल एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे है, वही नेता एक दूसरे की खामियों पर तंज कसते नजर आ रहे हैं।

राजस्थान की भौगोलिक स्थति अन्य राज्यों से थोड़ी अलग है। राजस्थान सीमा जहाँ एक और की बॉर्डर गुजरात और मध्य प्रदेश को छूती है। तो वही दूसरी और राजस्थान की जैसलमेर बाड़मेर की अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पाकिस्तान से सटी है।

इसलिए भारत के पाक संबधों का असर पाक सीमा से सटे राज्यों पर सीधा पडता है, और इसका प्रभाव चुनावी नतीजों भी को प्रभावित करते है। ऐसे में कांग्रेस के सीनियर नेताओं का पाकिस्तान प्रेम कांग्रेस के लिए गले की फांस बन सकता है। और इस बात का खामियाजा कांग्रेस को राजस्थान विधानसभा चुनाव में उठाना पड़ सकता है।

जानिऐ, कांग्रेस का पाकिस्तान प्रेम क्या है ?

1.पिछले दिनों पंजाब कांग्रेस सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू का पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में जाना और यह कहना पाकिस्तान में मुझे बहुत मान सम्मान मिला है। और हाल ही में पंजाब के निरंकारी भवन में ग्रेनेड हमले को नवजोत सिंह सिद्धू के पाक प्रेम का तोहफा कहा जा सकता है।

2.कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर का पाकिस्तान में जाना और यह कहना कि मुझे भारत से ज्यादा पाकिस्तान में मान-सम्मान और प्रेम मिला है।
इससे भारतीय लोगों में खासा गुस्सा है। इस बात का नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ सकता है।

3.कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह का पाकिस्तानी कनेक्शन और पाकिस्तान को लेकर दिग्विजय सिंह के तारीफों के पुल कांग्रेस को बैकफुट पर धकेलने का काम कर रहे हैं।

4.कांग्रेस के जैसलमेर के पोकरण सीट से प्रत्याशी साले मोहम्मद का पाकिस्तानी कनेक्शन बॉर्डर से सटे इलाकों में कांग्रेस के लिए नुकसान का सौदा साबित हो सकता है।

5.सचिन पायलट के ससूर शेख अब्दुल्ला पाकिस्तान के समर्थन में और कश्मीर को पाक का हिस्सा बताते नहीं थकतें इस बात का नुकसान पायलट सहित राजस्थान कांग्रेस को उठाना पड सकता है।

जानकारों का मानना है कि कांग्रेसी नेताओं का पाक प्रेम पाकिस्तान सीमा से सटे राज्यों के चुनाव में कांग्रेस के लिए गले की हड्डी बन सकती है।

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