गेहलोत राज में क्या कश्मीर बन जायेगा जोधपुर? पहली बार नकाबपोश पत्थरबाजों ने चुन-चुनकर बनाया घरों को निशाना

कश्मीर से पत्थरबाजी की खबरे आना अब आम सी बात हो गई है। आए दिन सुरक्षाबलों पर या अन्य प्रशासनिक अधिकारियों पर नकाबपोश अराजक तत्व पत्थरबाजी करते हैं कश्मीर में। पर अब ऐसी ही खबरे श्रीनगर से 1,207.4 KM दुर जोधपुर से भी आने लगी है। कुछ ही दीनो पहले जोधपुर में नकाबपोश लोगों ने राम नवमी के शोभायात्रा मे शामिल होने वालो पर और फिर पुलिस पर भी भारी पत्थराव किया। ऐसे में सवाल उठता है कि कहीं पाकिस्तान सीमा से लगा जोधपुर भी कश्मीर के रास्ते तो नही निकल गया?

रामनवमी शोभायात्रा के बाद शनिवार शाम घर वापिस लौट रहे कुछ युवक नारे लगाते निकल रहे थे तभी जोधपुर के सूरसागर इलाके के कुछ शरारती तत्वों ने उन पर पथराव कर दिया। भीड़ ने व्यापारियों का मोहल्ला की तरफ से सामने मुख्य मार्ग स्थित दुकानों पर पथराव किया। चुन-चुनकर घरो को निशाना बनाया गया। वहीं, कुछ लोगों ने दो बाइक और एक स्कूटर को आग लगा दी। एक घर से तो बदमाश स्कूटी ही लूटकर ले गए। इनमें से अधिकांश पत्थरबाजों ने कश्मीर कि तरह ही अपने चेहरे रुमाल व कपड़े से ढंके हुए थे। हालांकि इस स्थान से कुछ दूरी पे स्थित चौराहा पर पुलिस बल पहले से तैनात था। उत्पाती भीड़ ने काफी देर तक पथराव किया, लेकिन पुलिसकर्मी कम संख्या में होने के चलते वे पत्थरबाजों पर काबू नहीं कर पाए।

बात यहां भी रुक जाती तो ठीक था। करीब रात 8:20 बजे पेट्रोल पंप के पीछे इलाके में धमाका सुनाई दिया। मुख्य मार्ग पर मौजूद पुलिस अफसर उस तरफ दौड़े, तब दो युवकों ने पुलिस को आकर बताया कि बोतल में पेट्रोल डालकर विस्फोट किया गया हैं।हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई।

हालात काबू करने स्पेशल टास्क फोर्स, वज्र टीम भी सूरसागर पहुंची। पुलिस की टीमें अश्रु गैस व अन्य संसाधनों के साथ पूरे इलाके में तैनात कर दी गई। हंगामे व उपद्रव के दौरान पूरे इलाके के अधिकांश घर बंद कर लोग भीतर दुबके नजर जाए। तनाव की स्थिति और पथराव की सूचना मिलने पर भाजपा प्रत्याशी गजेंद्रसिंह शेखावत भी सूरसागर पहुंचे। तब तक पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ भी सूरसागर पहुंच चुके थे। शेखावत ने पुलिस कमिश्नर सहित अन्य अधिकारियों से चर्चा कर असली दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।

उस रात तो हालात काबू में आ गए पर सवाल उठता है कि जोधपुर मे आखिर कोन और कैसे पत्थरबाजी के इस बिमारी को ला रहा है? इसके पिछे कहीं कोई गहरी साजिश तो नहीं?

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