बांगड के नेता मालवीय का कांग्रेस ढूंढ रही है विकल्प, राजस्थान कांग्रेस के नेता करते है महेंद्रजीत मालवीय को नांपसद

राजस्थान विधानसभा चुनाव में इन दिनों दोनों राजनीतिक पार्टियों में उथल-पुथल जोरों पर है राजस्थान में राजनीतिक रूप से बांगड़ क्षेत्र का अपना एक महत्व है,दो दर्जन से ज्यादा सीटें आदिवासी वोटरों से प्रभावित है। ऐसे में दोनों पार्टी अपनी जमीन बनाने के लिए खासी मशक्कत करती है। यहाँ जिस पार्टी की लहर होती हैं अक्सर उसी पार्टी कि सरकार बनती है।

बेणेश्वर धाम आदिवासियों कि आस्था का केंद्र है।मध्यप्रदेश और गुजरात से सटे होने के कारण नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह का प्रभाव इस क्षेत्र में माना जाता है।

मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी एक बार बांगड़ की धरती पर आ चुके है। इसलिए सियासी लिहाज में बांगड़ की धरती का राजस्थान के चुनावी गणित सीधा असर पड़ता है।

कांग्रेस के दिग्गज नेता महेंद्रजीत मालवीय इसी बांगड़ कि धरा से आते हैं। लेकिन इन दिनों उनके कद के साथ कांग्रेस में उचित न्याय नहीं किया जा रहा। सूत्रों कि मानें तो हाल ही में कांग्रेस में बांगड़ क्षेत्र से रघुवीर मीणा को प्रमोट करने का काम किया है।

इसके बाद महेंद्रजीत मालवीय खासे नाराज माने जा रहे हैं, मालवीय एक बार सांसद, गहलोत सरकार में मंत्री रह चुके हैं। मालवीय की आदिवासी वोटबैक पर खासी पकड़ मानी जाती है। जब मालवीय की नाराजगी को लेकर रघुवीर मीना से मिडिया ने सवाल किया तब उन्होंने कहा कि महेंद्र को नाराज तो नहीं होना चाहिए, अगर वह नाराज हैं तो वह अति महत्वाकांक्षी है।

सूत्रों के हवाले से खबर है कि राजस्थान कांग्रेस का आलाकमान महेंद्रजीत मालवीय को नापसंद करता है।
इसलिए बांगड में रघुवीर मीना को मालवीय विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। और लगातार उनको किनारे करने का काम हो रहा है।

ऐसे में सियासी जानकारों का कहना है कि बांगड में कांग्रेस खांसी कमजोर होती जा रही है।

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