मोदी विरोध में कांग्रेसी चापलूस संजीव भट्ट ने अभद्रता की सारी सीमाएं पार कर दी

“हम तो डूबेंगे सजन पर अकेले नहीं, तुमको भी ले डूबेंगे,” हिंदी का यह मुहावरा तो आपने सुना होगा आजकल ये मुहावरा कुछ राजनीतिक गुलामों पर बिल्कुल सटीक बैठता है| ताजा उदाहरण पूर्व IPS संजीव भट्ट का है, जिन्होंने नीचता की सारी सीमाएं लांघ दी|

अपने कांग्रेसी आकाओं की सेवा में और मोदी के अंध विरोध में वह इतना नीचे गिर गए की एकदम आपत्तिजनक ट्वीट कर डाला| ट्वीट करने के बाद उन्होंने इसको डिलीट भी कर दिया है| परंतु उनकी इस नीच हरकत छुप नहीं पाई|

2002 के गुजरात दंगों में भले ही भारत की न्याय व्यवस्था ने भारत के प्रधानमंत्री को क्लीन चिट दे दी हो परंतु यह निम्न स्तर का IPS आज तक मोदी जी पर उल्टे सीधे टिप्पणी किए जा रहा है| और करे भी क्यों ना आखिर ऐसे सीधे कांग्रेसी आलाकमान का पूरा सपोर्ट है| पिछले 60 सालों में कांग्रेस ने देश के लोकतंत्र पर और व्यवस्था पर अकाल ला दिया था, परंतु 2014 के बाद देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक ऐसे युग की शुरुआत हुई जहां एक आम जनमानस को देश में सच्चे लोकतंत्र का अनुभव महसूस हो रहा है| सिर्फ अनुभव ही नहीं समाज के प्रत्येक वर्ग को देश का विकास दिख रहा है| आज देश में एक ऐसा माहौल बना है जहां हर एक आम आदमी को भारत पर गर्व महसूस हो रहा है|

अगर आप गहरे मन से सोचें तो फिर से देश सोने की चिड़िया बनने की राह पर है| परंतु 60 साल से शासन कर रही कांग्रेसी सरकार को और गांधी परिवार को यह सब रास नहीं आ रहा, और आऐगा भी कैसे, अब उनका रजवाड़ा शासन जो समाप्त हो गया| देश में माई बाप की सरकार चलाने वाले गांधी परिवार का अब असली चेहरा सामने आ चुका है| इस माहौल से तिलमिलाई हुई कांग्रेस ने ऐसे ऐसे चापलूस पाल रखे हैं जिन्होंने नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी या दागनी शुरू कर दी हैं| परंतु वह यह भूल गए कि जितना भी कीचड़ उछालोगे कमल उतना ही खिलेगा|

गुजरात चुनावों में भी ऐसे ही अभद्र टिप्पणियां दागने वाले कांग्रेसी चमचों को चुनावों के परिणाम के बाद करारा जवाब मिला| आगे भी देश की जनता अपने लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में खड़े रहेगी और इन कांग्रेसी गुलामों को करारा जवाब देगी|

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