सबका साथ सबका विकास के नारे को नरेंद्र मोदी की सरकार ने ज़मीन पर उतारा !

नरेंद्र मोदी कि सरकार अपनी साढ़े 4 साल पूरे कर चुकी है, मोदी सरकार का एक बहुत प्रसिद्ध नारा था सबका साथ सबका विकास

कई बड़े राजनीतिक विश्लेषक मोदी सरकार के कार्यों के विश्लेषण के बाद यह कहते नजर आ रहे हैं कि मोदी सरकार ने अपनी दूरदृष्टि संवेदनशील और जनकल्याणकारी सरकार के जरिए आजादी के 70 साल बाद वह काम आसान कर दिए हैं, और साकार भी कर दिए हैं, जो एकबारगी नामुमकिन से लगते थे। प्रधानमंत्री जनधन खाता योजना इस योजना का फायदा यह हुआ की भले ही इंदिरा की सरकार ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया हो लेकिन भारत की आधी से ज्यादा आबादी अशिक्षित और गांव में रहती हैं, वह बैंक तक नहीं पहुंच पाई थी, वह जन धन योजना के माध्यम से बैंकों तक पहुंची।

नतीजा यह हुआ की राजीव गांधी ने अपने भाषण में कहा था कि वह दिल्ली से ₹1 भेजते हैं, तो 85 पैसे रास्ते में ही दलाल खा जाते हैं, और लाभार्थी तक 10 से 15 पैसा पहुंचता है।

लेकिन मोदी सरकार के इस जन धन योजना के जरिए पैसा सीधा लाभार्थी के खाते में जाता है।

निम्न और मध्यम वर्गीय परिवार के लिए गैस का कनेक्शन लेना एक सपने जैसा होता था, लेकिन मोदी सरकार ने देश के संपन्न लोगों को प्रेरित कर उनकी सब्सीडी छुडवाकर, गरीब और हर आखिरी परिवार की रसोई तक गैस कनेक्शन पहुंचाने का काम किया है।

मोदी सरकार की हाल ही में आई आयुष्मान भारत योजना जहां देश की आधी आबादी इलाज के अभाव में घुट घुट कर मर रहे लोगों के लिए वरदान साबित होगी, आयुष्मान भारत योजना के जरिए सामान्य परिवार अपनी आयु को दीर्घायु कर सकेंगे और स्वस्थ जीवन जी पाऐगे।

सियासी विश्लेषकों का कहना है की नरेंद्र मोदी के सरकार ने जो भी योजनाएं जमीन पर लाई हैं,दूरदृष्टि के साथ सबका साथ सबका विकास की सिध्दांत पर आधारित है।

क्योंकि मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत अभियान सहित सैकड़ों योजनाओं के जरिये उन गरीब लोगों के सपनों को साकार करने का काम किया है, जो कल तक एक सपना सा लगता था।

Comments

comments