हरियाणा सरकार ने महिलाओ की सुरक्षा के लिया अहम् फैसला , हरियाणा में रेप और छेड़छाड़ के दोषियों की सामाजिक सुविधाएं बंद करेगी सरकार

हरियाणा में महिलाओं, किशोरियों, बच्चियों और युवतियों की सुरक्षा और ज्यादा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।

इसे लेकर सीएम हरियाणा मनोहर लाल ने महिलाओं पर अत्याचार करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश में यदि किसी ने मां-बहन पर अंगुली भी उठाई तो काट दी जाएगी। सीएम ने कहा कि प्रदेश में महिलाएं व बच्चियां पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगी।

सीएम ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने ‘उंगली काट देना’ शब्द एक कहावत के रूप में चेतावनीवश कहा है, जिसका तात्पर्य है कि अत्याचारियों के खिलाफ कार्रवाई तो कानून सम्मत होगी, लेकिन इस कार्रवाई में अब देरी कतई नहीं होगी।

सीएम ने कहा कि जिन जिलों में महिला अत्याचार व हिंसा से संबंधित केस लंबित होंगे वहां नई फास्ट ट्रैक कोर्ट भी बनाई जाएंगी।

सीएम गुरूवार को पंचकूला में एक और सुधार कार्यक्रम के तहत संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा एवं उनके सशक्तिकरण के लिए विभिन्न घोषणाएं की।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दुर्गा शक्ति एप का शुभारंभ किया। उन्होंने स्कूली बच्चों को सुरक्षा के संबंध में जानकारी देने के लिए तैयार किए गए विषय ‘मेरी सुरक्षा-मेरी जिम्मेवारी’को भी लांच किया, जो स्कूल में पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेगा।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने दुर्गा शक्ति वाहिनी फ्लीट को झंडी दिखा कर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के लिए किये गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए 4 सशक्त महिलाओं को सम्मानित भी किया, जिनमें सिरसा, मयानाखेड़ा गांव की महिला बस ड्राइवर पंकज चौधरी, फरीदाबाद के धौंच गांव की पंच नजमा खान, झज्जर के बहारा गांव की कविता शर्मा, महेंद्रगढ़ जिला की श्रीमती मंजु कौशिक शामिल हैं।

सीएम ने कहा कि रेप या छेड़छाड़ का जो भी आरोपी होगा उस के केस का निर्णय होने तक राज्य सरकार से उसे राशन के अलावा मिल रही सारी सुविधाएं जैसे कि बुढ़ापा या विकलांगता पेंशन, वजीफा, ड्राईविंग और आर्म लाईसैंस इत्यादि निलंबित रखी जाएंगी और अगर उसे सजा होती है तो उसकी इन सुविधाओं की पात्रता समाप्त कर दी जाएगी और यदि वह निर्दोष पाया जाता है तो उसको बंद होने की तिथि से सभी सुविधाएं का लाभ दिया जाएगा। महिला यदि महिला के खिलाफ अपराध करेगी तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि यदि कोई रेप पीड़िता सरकारी वकील के अलावा अपने विश्वास का कोई निजी वकील करना चाहे तो उसकी फीस के लिए 22 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सरकार द्वारा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि रेप और इव टीजिंग के मुकदमों के लिए निरंतर जांच का प्रावधान हर थाने में होगा। रेप के केस में एक महीने में और इव टीजिंग के केस में 15 दिन में जांच खत्म न हुई तो जांच अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

सीएम ने कहा कि जिस भी जिले में 50 से ज्यादा बलात्कार, छेड़छाड़ तथा महिलाओं को मानसिक प्रताडऩा के केस अदालतों में लम्बित हैं, वहां एक फास्ट ट्रैक कोर्ट खोले जाएंगे। प्रदेश सरकार द्वारा 6 फास्ट ट्रैक कोर्ट खोले जाने का निर्णय लिया गया है, जिनमें 2 फरीदाबाद, गुरुग्राम, पानीपत, सोनीपत व नूंह में खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय से आग्रह करेंगे कि सभी अदालतों को आदेश दें कि यदि कोई महिला गवाही के लिए अदालत में आती है तो उसे आगे की तारीख न देकर उसी दिन उसकी गवाही लिखी जाए।

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