जोधपुर: लोगों को नहीं है वैभव से कोई खास उम्मीद, राजनीति में अपरिपक्व और बेहद नए है अशोक गहलोत पुत्र

राजस्थान की सबसे हॉट लोकसभा सीट जोधपुर के लिए सोमवार को वाेटिंग होनी है। शनिवार शाम छह बजे प्रचार का शोर थम गया। यहां भाजपा प्रत्याशी गजेंद्र सिंह शेखावत के सामने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत मैदान में है। इससे मुकाबला सीधे-सीधे केंद्र व राज्य सरकार के बीच माना जा रहा है। भाजपा केन्द्र सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यो को सामने रखकर वोट मांग रही है तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने नाम पर बेटे को जीताने की कोशिश में है।

भाजपा भी अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ रही है। प्रधानमंत्री ने रावण का चबूतरा मैदान में हुई सभा मे जहां विकास के लिए वोट देने की अपील की, वहीं अमित शाह ने रोड शो में एकमत से चुनाव लड़ने का संदेश देने की कोशिश की। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने खुद शहर में रोड शो और वार्ड परिक्रमा की। मतदान के पहले की दो रातें दोनों दलों की दशा और दिशा तय करने वाली होगी। ऐसे में दोनों ही दलों के दिग्गजों का फोकस ग्रामीण मतदाताओं और समाजों पर रहेगा।

चुनावी जानकारों के मुताबिक इस लड़ाई में वैभव गहलोत के मुकाबले गजेन्द्र सिंह शेखावत कई आगे है। एक तरह से इस बार गजेन्द्र सिंह शेखावत की लड़ाई वैभव गहलोत से न होकर उनके पिता अशोक गहलोत से थी। यूं तो अशोक गहलोत ने कोई कसर नहीं छोड़ी। लगभग पूरे चुनाव प्रचार के दौरान ही जोधपुर के गली कुंचो में घुमते रहे बेटे के लिए। पर जनता का विश्वास गजेन्द्र सिंह शेखावत के साथ दिख रहा है। लोगों मे वैभव गहलोत के प्रति विश्वास का अभाव दिख रहा है।

भाजपा की लहर का पता तो तब ही चल गया था जब पूरा शहर अमित शाह के रोड शो में उमड़ पड़ा था। एक तरफ जहां गहलोत जातिय समीकरणों को साधने मे लगे रहे वहीं गजेन्द्र सिंह शेखावत का प्रचार “सबका साथ सबका विकास” के मंत्र पर आधारित रहा। इसी कारण गजेन्द्र सिंह शेखावत के साथ सभी समाज खड़े दिख रहे हैं।

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