जानें राजस्थान के चुनावों में पाकिस्तान की रूचि का असल कारण

इस वक़्त देश में सियासी पारा चरम पर है। अगले ही वर्ष भारत में लोकसभा के चुनाव होने हैं और उससे पहले चार राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों पर पूरे देश की नजरें बनी हुई है जिसमे से एक राज्य है राजस्थान।  सत्तारूढ़ दल भाजपा और विपक्ष कांग्रेस, दोनों ही राजस्थान में पूरा दम लगा रही है। पूरा देश तो राजस्थान के चुनावों पर अपनी नजरे बनाए हुआ ही है परंतु साथ ही साथ पड़ोसी देश पाकिस्तान को भी इन चुनावों में विशेष रूचि है।

दरअसल देश के उत्तरी क्षेत्रों में सेना की भारी तैनाती के कारण, पाकिस्तान से घुसपैठ का इरादा रखने वाले आतंकवादी इतने दिनों तक राजस्थान सीमा को एक वैकल्पिक मार्ग मानते आए हैं। काले पैसो का लेन देन करने वाले और दूसरे गैरकानूनी कामो में लिप्त लोग भी राजस्थान कि सीमा का प्रयोग करते आए हैं। हजारों मीलों तक रेगिस्तान और तन को जला देने वाली गर्मी में राजस्थान सीमा पर घुसपैठियों को रोकना हमेशा से ही एक बड़ी चुनौती रही है। परंतु पिछले कुछ वर्षों में, राज्य की वसुंधरा राजे सरकार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने मिलकर राजस्थान सीमा को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं, जो कि आतंकवादियों और पाकिस्तान को बिल्कुल भी रास नहीं आ रहा है।

पिछले ही वर्ष, राजस्थान सीमा के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर कोबरा फेंसिंग लगाई गई, जिसे सिर्फ छूने मात्र से घुसपैठिए पलक झपकते ही भस्म हो जाएंगे। एक तरह से इस कदम को उठाकर राज्य और केंद्र सरकार ने घुसपैठ का इरादा रखने वाले आतंकवादियों की कमर तोड़ कर रख दी है। यह तो बस उन कई बड़े कदमो मे से एक है जो राज्य और केंद्र सरकार ने मिलकर पिछले कुछ वर्षों में उठाए है। घुसपैठियों के इस पसंदीदा वैकल्पिक मार्ग को बंद करने में बहुत हद तक सफलता प्राप्त हुई है और इसके लिए केंद्र से साथ साथ प्रदेश की वसुंधरा राजे सरकार की भी प्रशंसा होनी चाहिए क्योंकि उनके सहयोग के बिना यह दुर्गम कार्य सफल होना लगभग असंभव ही था।

कुछ ही दिनों पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दशहरे के उत्सव को राजस्थान सीमा पर जवानों के साथ मनाया। जाहिर सी बात है ये सब बातें पाकिस्तान को हजम नहीं हो रही है। एक तरफ जहां जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लगने के बाद से सेना अलगाववादी आतंकवादियों को चुन चुन कर मार रही है तो दूसरी तरफ राजस्थान सीमा पर कोबरा फेंसिंग। बौखलाया हूआ पाकिस्तान आब ये हरगिज नहीं चाहता कि राजस्थान में वसुंधरा राजे कि सरकार बनी रहे।

इसी बीच कुछ दिनों पहले यह खबर भी आई कि कांग्रेस पार्टी फेसबुक के जरिए अपने विज्ञापनों का प्रसारण पाकिस्तान में भी कर रही है। इसके पीछे उनकी क्या मंशा है यह तो कांग्रेस ही जाने, परंतु पाकिस्तान में विज्ञापन प्रसारण करने से कुछ सवालिया निशान जरुर खड़े हो गए हैं। जिस तरह भारत के लोग पूरी उत्सुकता से राजस्थान चुनावों पर नजर बनाए हुए हैं ठीक वैसे ही घुसपैठ न कर पाने से बौखलाए पाकिस्तान के आतंकवादी, सेना और आईएसआई भी इन चुनावों पर अपने नजर गढ़ाऐ रखेंगे।

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