जोधपुर में सादगी पसंद गजेन्द्र सिंह का वीआईपी वैभव से मुकाबला

जोधपुर संसदीय क्षेत्र इस बार सुर्खियों में है। प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव कांग्रेस से और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत भाजपा के प्रत्याशी है। कांग्रेस के लिए नाक का सवाल बन चुकी है यह सीट, क्योंकि खुद मुख्यमंत्री के बेटे यहां से खड़े है।

यूं तो ऐसे ही कहीं भी भाजपा बनाम कांग्रेस का सीधा मुकाबला होने से जनता मे विशेष रुचि होती है पर यहाँ तो एक तरह से दो ध्रुवों के व्यक्ति टकराने वाले हैं। गजेन्द्र सिंह शेखावत की छवि एक बिल्कुल सीधे सादे आसानी से उपलब्ध और जमीन से जुड़े व्यक्ति वाली है। वहीं वैभव गहलोत एक राजनीतिक माहौल मे पले बढ़े हैं। बचपन से ही वीआईपी जैसी जीवन शैली रही है।

राजनीति में वैभव गहलोत अभी नए नए आये हैं। वहीं गजेन्द्र शेखावत कम उम्र से ही जनता के साथ जुड़े रहे हैं। पहले संघ फिर विद्यार्थी परिषद्, वहां से कई सालों तक सीमांत क्षेत्रों के लोगों की सेवा और अंत में भाजपा।

वैभव गहलोत छोटी सी उम्र से ही विभिन्न तरह के नौकरीयो और व्यवसायो मे व्यस्त रहे हैं। इसी बीच वैभव पर कई बार भ्रष्टाचार के आरोप भी लग चुके हैं। कभी ओम मेटलज तो कभी ट्राईटन होटल, वैभव गहलोत पर भ्रष्टाचार के आरोप काफी लम्बा है। वहीं गजेन्द्र सिंह शेखावत साफ छवि के नेता है। कई बड़े पदो पर रहने पर भी आज तक उन पर कोई आरोप नहीं लग पाया है।

यहां अब तक हुए चुनावों में आठ बार कांग्रेस और चार- चार बार भाजपा व निर्दलीय ने बाजी मारी। जबकि एक बार जनता पार्टी का प्रत्याशी विजयी रह चुका है। कांग्रेस की आठ जीत में गहलोत की अहम भूमिका रही। वे यहां से पांच बार सांसद रहे, और अब वह एकदम तरह परिवारवाद का निर्वहन कर अपने बेटे को इस आसन पर आसीन करना चा रहे हैं।

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