परिवारवाद पर फसे वैभव गहलोत अब खुद को आम कार्यकर्ता साबित करने मे व्यस्त, कहा १५ साल से राजनीति कर रहा

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके बेटे वैभव गहलोत पर वंशवादी राजनीति के आरोप समय समय पर लगते रहे हैं। इन आरोपों ने तूल तब पकड़ लि जब जोधपुर संसदीय क्षेत्र से किसी पुराने कार्यकर्ता के स्थान पर वैभव गहलोत को कांग्रेस का प्रत्याशी घोषित किया गया।

जोधपुर से भाजपा प्रत्याशी गजेंद्र सिंह शेखावत से लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सभी ने गहलोत परिवार को वंशवाद को लेकर घेरा है। चुनावी जानकारों का भी कहना है कि एक राजनीतिक वंश से आना वैभव गहलोत के लिए नुकसानदेह हो सकता है क्योंकि जनता सामान्य पृश्ठभूमी से आये गजेन्द्र सिंह शेखावत से ज्यादा आसानी से जुड़ पाएगी।

खबरे ऐसी भी थी कि जोधपुर के आम कांग्रेस कार्यकर्ता भी वैभव गहलोत के प्रत्याशी होने से खासे नाराज चल रहे थे। इसी बीच वैभव गहलोत पूरी कोशिश कर रहे हैं कि लोग उन्हे कांग्रेस के एक कार्यकर्ता के रूप में देखे। वैभव ने दावा किया कि वह पिछले १५ सालो से पार्टी का काम कर रहे हैं। हालाँकि कई लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी भी वैभव को सक्रिय रूप से राजनीति में नही देखा।

राज्य में लोकसभा के प्रथम चरण के चुनाव 29 अप्रैल को होने वाले हैं। केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार चंद्रेश कुमारी को चार लाख से अधिक मतों से हराया था। इस बार भी गजेन्द्र सिंह शेखावत अपने जीत को लेकर आत्मविश्वासी नजर आ रहे हैं।

Comments

comments